सोशल मीडिया पर आने वाले मैसेज, फोटो, वीडियो कहीं फेक तो नहीं, असलियत जानने को खुद कीजिए टेस्ट

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दिवाकर पांडेय. चुनाव के दौर में सोशल मीडिया तमाम पॉलिटकल मैसेज, आर्टकिल्स, और वीडियोज से भरा पड़ा है। वॉट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर चुनाव से जुड़े कंटेट की भरमार है। इनके यूजर्स कोई भी मैसेज या पोस्ट रिसीव करने के बाद अक्सर उन पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं। ऐसे में कई ऐसी इनफॉर्मेशन भी वायरल हो जाती है जिसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं होता। जब पता चलता है, तब हजारों-लाखों लोग उसे देख-पढ़-सुन चुके होते हैं। हाल ही में कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख दिव्या स्पंदना ने पीएम मोदी और हिटलर की एक-एक तस्वीर शेयर की । इनमें दोनों एक ही तरीके से एक बच्चे के कान खींचते दिख रहे हैं। उन्होंने मोदी की तुलना हिटलर से करने की कोशिश की। लेकिन बाद में पता चला कि पीएम की तस्वीर तो सही है लेकिन हिटलर की तस्वीर में छेड़छाड की गई है। असली तस्वीर में हिटलर बच्चे बच्चे के कंधे पर हाथ रखे हैं। ऐसा किसी भी दल या उसकी विचारधारा से जुड़ा शख्स कर सकता है। हम बता दें कि इंटरनेट पर ही तमाम ऐसे टूल्स हैं जिनके जरिए आप खुद किसी पोस्ट या मैसेज का लिटमस टेस्ट कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे….

  1. इसकी वेबसाइट www.altnews.in और टि्वटर एकाउंट @AltNews है। इसका Alt News नाम से फेसबुक पेज भी है। जल्द ही इसका एप भी आने वाला है। आल्ट न्यूज अपने तीनों मीडियम पर फेक न्यूज की असलियत पोस्ट करती है। अगर आप उससे किसी मैसेज की हकीकत जानने चाहते हैं तो उन्हें ट्वीट करने के साथ contact@altnews.in पर ईमेल भी कर सकते हैं। इसकी टीम उस पोस्ट की पूरी डिटेल की जानकारी देती है। इसकी वेबसाइट इंग्लिश के साथ हिंदी में भी है।

  2. टिपलाइन –वॉट्सऐप पर फेक न्यूज बहुत जल्दी वायरल होती हैं। व्हाट्सऐप ने इनकी क्रिडबिलिटी चेक करने के लिए टिपलाइन सर्विस शुरू की है। लोग किसी भी सूचना को 9643000888 नंबर पर भेज सकते हैं। यूजर को पता चल जाएगा कि उसे मिला संदेश सही, गलत, भ्रामक या विवादित में से क्या है।

  3. फेसबुक ने फेक न्यूज रोकने के लिए थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम शुरू किया है। साथ ही Fact Checking Before Sharing Posts नाम से पेज भी है। वेबसाइट www.factcheck.org भी फैक्ट चेक करती है और इससे आप Editor@FactCheck.org पर सवाल पूछ सकते हैं।

  4. जब जाननी हो किसी लेख की फर्स्ट पब्लिस्ड डेट

    सोशल मीडिया पर तमाम भड़काऊ पोस्ट वायरल की जाती हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि उसे पहली बार कब इंटरनेट पर डाला गया। सबसे पहले उस आर्टकिल का लिंक यानी यूआरएल (यूनीफॉर्म रिसोर्स लोकेशन) एड्रेस कॉपी कर लीजिए। अब गूगल का होम पेज ओपेन पर उसके सर्च बॉक्स में inurl: टाइप कर इसके आगे लिंक कॉपी करके पेस्ट कर दीजिए। सर्च इंजन तुरंत फर्स्ट पब्लिश्ड डेट का रिजल्ट दे देगा।

  5. तस्वीर या वीडियो की असलियत जानने के लिए आप Google Reverse Image search टूल इस्तेमाल कर सकते हैं। गूगल में इसे टाइप करने पर सबसे ऊपर https://bit.ly/2MmKDTg पेज ओपेन होता है। इस पर फोटो अपलोड कर दीजिए। https://reverse.photos और Google Image से भी फोटो चेक कर सकते हैं। वीडियो भी स्टिल फोटो में ब्रेक कर अपलोड कर चेक कर सकते हैं।

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      internet tools to check whether photo video and message id fake or not



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