वॉटसऐप और फेसबुक से धोखाधड़ी 43% बढ़ी, निजी डेटा हो रहा चोरी

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गैजेट डेस्क. वॉटसऐपऔर फेसबुकजैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म अब लोगों की जरूरत बन चुके हैं, जिसका फायदा साइबर क्रिमिनल्स उठा रहे हैं ये प्लेटफार्म अब अपराधियों का नया अड्डा भी बन चुकेहैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म के इस्तेमाल से धोखाधड़ी के मामलों में 43% तक की बढ़ोतरी हो गई है। साइबर क्रिमिनल्स वॉटसऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम के साथ अन्य सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर लोगों से बातचीत करते हैं और उनकानिजी डेटा, क्रेडिट कार्ड नंबर और अन्य जानकारियां चुराते हैं।

  1. आरएसए सिक्योरिटी द्वारा जारी “साइबर स्टेट ऑफ साइबर क्राइम – 2019” ने अपने श्वेत पत्र में कहा है कि इन प्लेटफार्मके उपयोग करना काफी आसान है, इन्हें यूज करने के लिए कोई फीस भी नहीं देनी पड़ती। इन प्लेटफार्मों के अन्य लाभों को देखते हुए अगर 2019 में भी धोखाधड़ी के मामलों में इजाफा होता है तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

  2. स्टडी में यह बात सामने आई की इन दिनों चोरी कीगई पहचान को खरीदने और बेचने को कारोबार काफी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं इस तरह के डेटा को बेचने के लिए वैध प्लेटफार्म पर कई ऑनलाइन स्टोर्स खोलेजाने की संभावना है।

  3. शोधकर्ताओं के अनुसार, मोबाइल चैनल में धोखाधड़ी पिछले कई वर्षों में काफी बढ़ गई है, साल 2018 मेंधोखाधड़ी के मामले लगभग 70% तक बढ़ेहैं।

  4. स्टडी में यह बात भी सामने आई की साल 2015 से 2018 के बीच मोबाइल एप्लीकेशन से होने वाले फ्रॉड में 680% की बढ़ोतरी देखने को मिली। इसके अलावा यह बात भी सामने आई की यूजर को फंसाने के लिए फेक एप्लीकेशन को बड़ी तादादमें बनायाजारहा है।

  5. 2018 में हर पांच में से एक साइबर अटैक के पीछेफेक मोबाइल ऐपजिम्मेदार थी। आइएसए ने पिछले साल एक पॉपुलर ऐप स्टोर पर औसतन 82 फेक मोबाइल ऐप की पहचान की।

  6. रिपोर्ट में आगे कहा कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि 2019 में भी ऐसे अपराधों में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। साइबर अपराधी इन्हें अंजाम देने के लिए मोबाइल चैनल पर फिंशिंग और मालवेयर जैसी रणनीति पर तेजी से काम कर रहे हैं।

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      Social media fraud increased 43% in 2018 say report



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