मिलावट से होने वाली बीमारियों से है बचना तो अपनाए ये घरेलू नुस्खे

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लखनऊ. आज बाजार में खाद्य पदार्थों से लेकर सौन्दर्य प्रसाधन तक की तमाम चीजों में मिलावट पाई जाती है, जो कई मायनों में स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। इन मिलावटों की सबसे गंभीर बात ये है कि ये मिलावट आसानी से पहचान में भी नहीं आती है और लोग बिना पहचाने इन प्रोडक्टों का लगातार उपयोग करते रहते हैं। यदि कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रोडक्ट का प्रयोग करने से पहले उनकी घरेलू जांच कर लें तो मिलावटी प्रोडक्ट के प्रयोग से होने वाले नुकसानों से बचा जा सकता है।

उपयोगी वस्तुओं में मिलावट को पहचनाने के नुस्खे

चावल में रंग की मिलावट
ऊंचे रेट पर चावल बेचने के लिए व्यापारी चावल में रंग की मिलावट करते हैं। इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। इसके लिए दोनों हाथों से चावल को रगड़ें। यदि इसमें पीला रंग होगा तो हाथों में लग जाएगा। चावल को पानी में भिगोएं और उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें। पानी का रंग बैंगनी हो जाए तो उसमें पीला रंग मिला हुआ है।

नमक में मिट्टी की हो सकती है मिलावट
नमक में मिट्टी की मिलावट को जनाने के लिए नमक की कुछ मात्रा लेकर कांच के साफ गिलास में पानी लेकर घोल लें। इसके बाद कुछ समय के लिए उसे स्थिर रहने दें। इसके बाद यदि गिलास की तली में रेत या मिट्टी बैठ जाए तो समझ लेना चाहिए कि नमक में मिलावट है।

मावा में स्टार्च की मिलावट
इसकी थोड़ी मात्रा में पानी मिलाकर इस मिश्रण को उबालें। इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि नीले रंग की परत दिखे तो साफ है कि उसमें स्टार्च मौजूद है।

मक्खन, घी में वनस्पति घी मिलावट

घी आजकल सबसे ज्यादा मिलावटी आने लगी है। इसके लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल 10 सीसी तथा एक चम्मच चीनी मिलाएं। इस मिश्रण में 10 सीसी घी या मक्खन मिलाए। इसे अच्छी तरह हिलाएं। यदि मिलावट होगी तो मिश्रण का रंग लाल हो जाएगा।

हल्दी में रंग की मिलावट
इसकी मिलावट को पकड़ने के लिए आप एक चम्मच हल्दी को एक परखनली में डालकर उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें। बैंगनी रंग दिखता है और मिश्रण में पानी डालने पर यह रंग गायब हो जाता है तो हल्दी असली है। रंग बना रहता है तो वह मिलावटी है।

खाने के तेल में आर्जीमोन की मिलावट
इसकी मिलावट की जानकारी पाने के लिए सैंपल में सांद्र नाइट्रिक एसिड मिलाकर मिश्रण को खूब हिलाएं। थोड़ी देर बाद एसिड की परत में अगर लाल, भूरे रंग की परत दिखाई दे तो यह आर्जीमोन तेल की मौजूदगी का द्योतक है।

दूध में पानी की मिलावट
आजकल सबसे ज्यादा दूध की मिलावट परेशान करती है। इससे बचने के लिए लेक्टोमीटर द्वार सापेक्षिक घनत्व को ज्ञात करके दूध की शुद्धता की जांच की जा सकती है। शुद्ध दूध का सापेक्षिक घनत्व 1.030 से 1.034 तक होना चाहिए।

दालों में मिलावट
चने, अरहर की दाल में खेसरी दाल मेटानिल पीला रंग हो सकता है। दाल को एक परखनली में डालकर उसमें पानी डालें तथा हल्के हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें हिलाने पर यदि घोल का रंग गहरा लाल हो जाय तो समझना चाहिए कि दाल को मेटानिल पीले रंग से रंगा गया है। खेसरी दाल का परीक्षण दाल को ध्यानपूर्वक देख कर किया जा सकता है। खेसरी दाल नुकीली एवं धंसे हुए आकार की होती है।

मिर्च पाउडर में ईट या बालू का चूर्ण की मिलावट

इसकी मिलावट से बचने के लिए एक चम्मच मिर्च पाउडर को पानी भरे ग्लास में डालें। पानी रंगीन हो जाता है, तो मिर्च पाउडर मिलावटी है। उसमें ईट या बालू का चूर्ण होगा तो वह पैंदे में बैठ जाएगा। अगर सफेद रंग का झाग दिखे तो उसमें सेलखड़ी की मिलावट है।

चाय पत्ती में रंग की मिलावट
इसका पता लगाने के लिए चीनी मिट्टी के किसी बर्तन या शीशे के प्लेट पर नींबू का रस डालकर उस पर चाय पत्ती का थोड़ा सा बुरादा डाल दें। यदि नींबू के रस का रंग नारंगी या दूसरे रंग का हो जाता है तो इसमें मिलावट है। यदि चाय पत्ती असली है तो हरा मिश्रित पीला रंग दिखाई देगा।



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