पहलू खान मामले में फिर होगी जांच, सरकार ने एसआईटी बनाई, 15 दिन में देगी रिपोर्ट

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जयपुर.देशभर में चर्चित रहे अलवर जिले के पहलू खां मॉब लिंचिंग मामले में दाे दिन पहले 6 आराेपियाें के काेर्ट से बरी हाे जाने काे लेकर सरकार गंभीर हाे गई। शुक्रवार काे मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने सीएमओमें इस मामले काे लेकर गृह एवं विधि विभाग के अफसरों को तलब किया। पुलिस जांच में रही खामियों का पता लगाने के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है।

एसआईटी को 15 दिन में देना होगी रिपोर्ट

एसआईटी 15 दिन में सरकार को रिपोर्ट देगी कि मामले की जांच में कौन-कौनसी बड़ी खामियां रहीं और इसके लिए इसके लिए कौन-कौन लाेग जिम्मेदार हैं। दूसरी ओर, मामले में एडीजे कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील को लेकर सरकार मामला रिएक्जामिन कर रही है। शुक्रवार को सीएमओ में बैठक के बाद गृह विभाग और विधि विभाग के अफसर कोर्ट के फैसले की समीक्षा में जुट गए। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, डीजीपी भूपेंद्र सिंह, एडीजी क्राइम बीएल सोनी और विधि विभाग के प्रमुख सचिव महावीर शर्मा ने इस मुद्दे को लेकर बैठक की, जो देर शाम तक चलती रही।

संदेह के लाभ पर बरी हुए आरोपी

उल्लेखनीय है कि पिछली भाजपा सरकार में गाेतस्करी के शक में पहलू खां काे भीड़ ने बुरी तरह पीटा था। बाद में अस्पताल में उसकी माैत हाे गई। इस मामले में 3 नाबालिगाें सहित 9 लाेगाें काे आराेपी बनाया गया। तीनाें नाबालिगाें पर ताे बाल न्यायालय में मामला विचाराधीन है, लेकिन अन्य 6 आराेपी विपिन यादव, रविन्द्र, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार तथा भीम राठी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार को अलवर में एडीजे कोर्ट संख्या-1 की न्यायाधीश डाॅ. सरिता स्वामी ने संदेह का लाभ देते हुए सभी 6 आराेपियाें काे बरी कर दिया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में जांच अधिकारी पर कई टिप्पणियां करते हुए पुलिस पर सवाल उठाए थे। तब सरकार ने इस मामले के खिलाफ अपील करने की बात कही थी।

गाेतस्करी के संदेह में पहलू को पीटा गया था
1 अप्रैल 2017 को हरियाणा निवासी पहलू (55) अपने दो बेटों आरिफ व इरशाद के साथ पिकअप में जयपुर से गाय खरीद कर ला रहे थे। बहरोड़ पुलिया से आगे भीड़ ने पिकअप रुकवाई व मारपीट की। कुछ देर बाद पहलू के साथी अन्य पिकअप में आए तो उनसे भी मारपीट की गई। गंभीर घायल पहलू को बहरोड़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां 4 अप्रैल को पहलू ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मामला गर्मा गया। तत्कालीन भाजपा सरकार में पहलू खां के पर्चा बयान के आधार पर 6 नामजद सहित 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

इस तरह चला घटनाक्रम

  • 1 अप्रैल 2017 :3 पिकअप और 3 कैंटरा गाड़ियों में 36 गोवंश ले जा रहे पहलू खां और उसके साथियों को जागूबास चाैक और औद्योगिक कट के पास रोक लिया। भीड़ ने पिटाई कर दी। औद्योगिक कट के पास मारपीट में पहलू खां सहित पांच लोग घायल हुए।
  • 2 अप्रैल : घायल पहलू खां के पर्चा बयान के आधार पर 6 नामजद सहित 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
  • 4 अप्रैल : घायल पहलू खां की इलाज के दौरान माैत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। पहलू के शव का पोस्टमार्टम हुआ। मॉब लिंचिंग में हुई हत्या के बाद मामला देशभर में गर्मा गया।
  • 5 अप्रैल : पुलिस अधीक्षक ने छह नामजद लोगाें के खिलाफ पांच-पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया।
  • 7 अप्रैल : मामले की जांच बहरोड़ डीएसपी को सौंप दी गई।
  • 8 अप्रैल : राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी।
  • 9 अप्रैल : तत्कालीन आईजी हेमंत प्रियदर्शी ने घटना स्थल का मुआयना किया।
  • 26 अप्रैल : गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा लोगों को परेशान करने के विरोध में बहरोड़ बंद रहा।

दो चार्जशीट पेश की गई कोर्ट में
कोर्ट में आरोपी विपिन यादव, रविन्द्र यादव, कालूराम यादव, दयानंद यादव और योगेश कुमार खाती के खिलाफ 31 मई 2017 को चार्जशीट पेश की गई। जबकि, 5 जनवरी 2018 को भीम राठी को आरोपी मानते हुए 173( 8) के तहत सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को नाबालिग मानते हुए उनके खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने आरोप साबित नहीं होने पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपी विपिन यादव, रविन्द्र, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार खाती व भीम राठी को बरी करने का फैसला सुना दिया।

इन बिंदुओं पर मानी जांच में खामी
गृह विभाग और विधि विभाग के अफसरों ने इस मामले की जांच में रही खामियों के लिए कुछ बिंदुओं का ड्राफ्ट भी तैयार किया…
पहलू खां की पिटाई का वीडियो जिस मोबाइल से लिया गया, उस मोबाइल को कब्जे में नहीं लिया गया।
वीडियो फुटेज की एफएसएल जांच नहीं करवाई गई।
आरोपियों की शिनाख्त नहीं करवाई गई।

कोर्ट का फैसला चौंकाने वाला : प्रियंका
पहलू खां मामले में लोअर कोर्ट का फैसला चौंका देने वाला है। हमारे देश में अमानवीयता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भीड़ द्वारा हत्या एक जघन्य अपराध है।-प्रियंका गांधी

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सरकार की लापरवाही रही : मायावती

कांग्रेस सरकार की लापरवाही व निष्क्रियता के कारण पहलू खां माॅब लिंचिंग मामले में सभी 6 आरोपी वहां की निचली अदालत से बरी हो गए। यह अतिदुर्भाग्यपूर्ण है। -मायावती, बसपा सुप्रीमाे

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अस्पताल में पहलू खान। -फाइल फोटो



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