निर्यातकों को मार्च 2020 तक नहीं देना पड़ेगा आईजीएसटी और सेस

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नई दिल्ली. एक्सपोर्ट प्रमोशन स्कीम के तहत निर्यातकों को इंटीग्रेटेड जीएसटी और कंपेंसेशन सेस से छूट मार्च 2020 तक बढ़ा दी गई है। निर्यात करने वाली कंपनियों को घरेलू बाजार से कच्चा माल खरीदने या इनका आयात करने पर यह छूट मिलती है। एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट, एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स और एडवांस अथॉराइजेशन स्कीम के तहत यह छूट दी जाती है।

  1. एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट (ईओयू) स्कीम के तहत घरेलू बाजार से सामान खरीदने पर टैक्स में छूट मिलती है। एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स (ईपीसीजी) स्कीम के तहत निर्यातक बिना शुल्क चुकाए मशीनरी (कैपिटल गुड्स) का आयात कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल निर्यात से जुड़ी टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने में होना चाहिए।

  2. एडवांस अथॉराइजेशन स्कीम के तहत सामान बनाने में इस्तेमाल होने इनपुट पर आयात शुल्क नहीं देना पड़ता है। पिछले साल सितंबर में इस छूट की समय सीमा मार्च 2019 की गई थी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि विदेश व्यापार नीति के तहत जीएसटी और कंपेंसेशन सेस से छूट 31 मार्च 2020 तक बढ़ा दी गई है।

  3. जीएसटी व्यवस्था में पहले टैक्स चुकाने और फिर इसका रिफंड लेने का प्रावधान है। लेकिन इसमें काफी समय लग जाता है। निर्यातकों रिफंड का पैसा अटकने की शिकायत कर रहे थे। एक समय उन्होंने 60,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का रिफंड अटकने का दावा किया था। इसलिए अंतरिम राहत के रूप में चुनिंदा स्कीमों के तहत इन्हें शुरू में टैक्स नहीं चुकाने की सुविधा दी गई है।

  4. साल निर्यात ग्रोथ कुल निर्यात
    2015-16 5.9% 131 अरब डॉलर
    2016-17 4.8% 137 अरब डॉलर
    2017-18 7.5% 147 अरब डॉलर
  5. मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से फरवरी के दौरान निर्यात 8.85% बढ़कर 29,847 करोड़ डॉलर रहा है। इस दौरान आयात 9.75% बढ़कर 46,400 करोड़ डॉलर पहुंच गया है। साल के पहले 11 महीने में व्यापार घाटा 16,552 करोड़ डॉलर का रहा है। एक साल पहले यह 14,855 करोड़ डॉलर था।

  6. मार्च में जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह मौजूदा वित्त वर्ष का चौथा महीना होगा जब कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहेगा। इससे पहले अप्रैल और अक्टूबर 2018 और जनवरी 2019 में जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा था। जनवरी में 1.02 लाख करोड़ के बाद फरवरी में यह घटकर 97,247 करोड़ पर आ गया था। फरवरी तक जीएसटी से 10.70 लाख करोड़ जमा हुए थे। सरकार ने पूरे साल के कलेक्शन का लक्ष्य घटाकर 11.47 लाख करोड़ कर दिया है।

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      Govt extends IGST, compensation cess exemption under various export promotion plans



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