धमाकों में शामिल आतंकियों के कश्मीर आने का कोई रिकॉर्ड नहीं: भारत सरकार

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नई दिल्ली. भारत ने श्रीलंका के सेना प्रमुख के उस दावे को नकार दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके देश में सीरियल धमाके करने वाले आतंकियों ने ट्रेनिंग के लिए भारत के कश्मीर का दौरा किया था। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के अफसरों ने बताया कि हमें ऐसे कोई रिकॉर्ड नहीं मिले हैं, जिससे इस बात से सहमत हुआ जा सके कि श्रीलंका में हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी भारत आए थे।

अफसर ने बताया कि बम धमाकों के बाद आप्रवासी रिकॉर्ड की दोबारा जांच की गई है और कोई भी हमलावर कश्मीर नहीं गया था। उन्होंने बताया कि इस साल करीब एक दर्जन श्रीलंकाई नागरिक कश्मीर की यात्रा पर आए। इन सभी के दस्तावेजों की दोबारा जांच की जा चुकी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसकी भी आशंका है कि कोई आतंकी किसी दूसरे नाम से भारत आया हो। अगर श्रीलंका इस बारे में और सबूत दे तो इस मामले में निचले स्तर से जांच की जा सकती है।

कश्मीर के अलावाबेंगलुरु-केरल भी गए थे अफसर- सेना प्रमुख

इससे पहलेश्रीलंका के सेना प्रमुख महेश सेनानायके ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा था आतंकियों ने ट्रेनिंग के लिए भारत के कश्मीर का दौरा किया था। खुफिया जानकारी के मुताबिक, आतंकी कश्मीर के अलावा बेंगलुरु और केरल के कुछ हिस्सो में भी गए थे।

उन्होंने कहा था, “मुझे पूरी जानकारी नहीं है कि आतंकियों के भारत जाने का मुख्य मकसद क्या था? लेकिन यह तय है कि वे किसी तरह की ट्रेनिंग या दूसरे आतंकी संगठनों से संपर्क साधना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि हमले को अंजाम देने के तरीके से लगता है कि आतंकियों ने इसकी साजिश स्थानीय नहीं बल्कि किसी बाहरी की मदद से बनाई। 21 अप्रैल को श्रीलंका में हुए 8 धमाकों में 253 लोग मारे गए थे। उनमें 10 भारतीयों समेत 39 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

भारत से मिली खुफिया जानकारी के बावजूद चूकहुई
भारत की तरफ से खुफिया जानकारी मिलने के सवाल पर आर्मी चीफ ने कहा कि हमें इंटेलिजेंस इनपुट मिला था। हमारी मिलिट्री इंटेलिजेंस की जानकारी किसी और ही दिशा में थी। जानकारी साझा करने में जो परेशानी थी वो अब सबके सामने है। हालांकि, उन्होंने इस चूक के लिए किसी को भी जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया।

मदरसों को नियंत्रित करेगी श्रीलंका सरकार
इसी बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि देश में स्थित मदरसों को अब धार्मिक और सांस्कृतिक मंत्रालय नियंत्रित करेगा। शिक्षा मंत्री अकिला विराज करियावसम ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विक्रमसिंघे इसे जरूरी मानते हैं। वह इस मामले में कोई विवाद नहीं चाहते इसीलिए उन्होंने यह फैसला किया। हाल ही में खबरें आई थीं कि श्रीलंका के मदरसों में पढ़ाने वाले करीब 800 विदेशी धर्मगुरू टूरिस्ट वीजा पर थे। इसलिए उन्हें अपने देश डिपोर्ट कर दिया जाएगा।

आतंकियों के ठिकानों से पुलिस को मिले झंडे और ड्रोन
बट्टीकलोआ में ही एकठिकाने पर छापेमारी के दौरान पुलिस को इस्लामिक स्टेट के झंडे, मिलिट्री की वर्दी, सुसाइड जैकेट, 150 जिलेटिन की छड़ें, हजारों स्टील पैलेट और ड्रोन कैमरे मिले। सुरक्षा परिषद की बैठक में अधिकारियों ने फैसला लिया था कि आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक खतरा पूरी तरह हट नहीं जाए।

आतंकियों की खोज में जुटे 10 हजार से ज्यादा सैनिक
श्रीलंका में सीरियल ब्लास्ट के बाद से ही करीब 10 हजार सैनिक आतंकी ठिकानों पर छापेमारी में जुटे हैं। अब तक करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसमें पाकिस्तानी नागरिकों का एक समूह भी शामिल है। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने शुक्रवार को कहा था कि इस्लामिक स्टेट से जुड़े 140 संदिग्धों की खोज की जा रही है।

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