दीप्ति की मदद से भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दर्ज की आसान जीत

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सूरत। कप्तान हरमनप्रीत कौर की उपयोगी पारी और आलराउंडर दीप्ति शर्मा की बेहतरीन गेंदबाजी से भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में मंगलवार को यहां 11 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। हरमनप्रीत ने 34 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 43 रन बनाये। उनके अलावा स्मृति मंदाना ने 21, जेमिमा रोड्रिग्स ने 19 और दीप्ति शर्मा ने 16 रन का योगदान दिया जिससे पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाली भारतीय टीम ने आठ विकेट पर 130 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका की टीम मिगनान डु प्रीज (59) के अर्धशतक के बावजूद 19.5 ओवर में 119 रन पर आउट हो गयी। डु प्रीज के अलावा लिजली ली (16) और लॉरा वॉलवार्ट (14) ही दोहरे अंक में पहुंच पायी। 

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भारत की तरफ से आफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में आठ रन देकर तीन विकेट लिये। उन्होंने पहले तीन ओवर मेडन किये थे। मध्यम गति की गेंदबाज शिखा पांडे ने 18 रन देकर दो, लेग स्पिनर पूनम यादव ने 25 रन देकर दो और बायें हाथ की स्पिनर राधा यादव ने 29 रन देकर दो विकेट लिये। दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में 18 रन चाहिए थे। डु प्रीज क्रीज पर थी। उन्होंने राधा यादव की पहली गेंद पर छक्का जड़ा लेकिन चौथी गेंद पर पवेलियन लौट गयी। डुप्रीज ने तब क्रीज पर कदम रखा था जबकि दक्षिण अफ्रीका ली से मिली तेज शुरुआत के बावजूद तीन विकेट पर 29 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था। इसके बाद भी दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे लेकिन पांचवें ओवर में क्रीज पर उतरने वाली डु प्रीज अंतिम ओवर तक टिकी रही। उन्होंने 43 गेंदों का सामना किया तथा चार चौके और तीन छक्के लगाये। 

इससे पहले भारत की सभी शीर्ष बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की लेकिन कोई भी अर्धशतक तक नहीं पहुंच पायी। हरमनप्रीत के अलावा मंदाना, रोड्रिग्स और दीप्ति ने भी पर्याप्त समय क्रीज पर बिताने के बाद विकेट गंवाये। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल ने 26 रन देकर तीन और नादिन डि क्लार्क ने दस रन देकर दो विकेट लिये। पहले बल्लेबाजी के लिये आमंत्रित की गयी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारत की तरफ से टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम उम्र (15 साल 239 दिन) में पदार्पण करने वाली शेफाली वर्मा खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गयी। इसके बाद दूसरी सलामी बल्लेबाज मंदाना ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने मध्यम गति की गेंद टुमी सेखुखुने पर दो चौके लगाये और फिर नोंदुमिसु सांगसे की लगातार दो गेंदों को सीमा रेखा तक पहुंचाया। तीसरी गेंद फुलटास थी जिस पर उन्होंने कैच दे दिया। 

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रोड्रिग्स भी क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने पर लांग आन पर आसान कैच दे बैठी। अब हरमनप्रीत पर दारोमदार था। उन्होंने सुन लुस पर छक्के से शुरुआत करके नोनकुलुलेको मलाबा को निशाने पर रखा तथा बायें हाथ की इस स्पिनर पर छक्का जड़ने के अलावा लगातार दो चौके भी लगाये। लेकिन 16वें ओवर में नादिन डि क्लार्क की गेंद पर पगबाधा आउट होने से भारत की डेथ ओवरों की रणनीति प्रभावित हो गयी। क्लार्क के इस ओवर में पहले दीप्ति पवेलियन लौटी थी। हरमनप्रीत ने 34 गेंदों का सामना किया तथा तीन चौके और दो छक्के लगाये। भारतीय टीम तानिया भाटिया के पांच गेंदों पर नाबाद 11 रन की मदद से अंतिम चार ओवरों में 25 रन जुटाये। वेदा कृष्णमूर्ति ने दस रन का योगदान दिया।





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