टीचर की 16 महीने की बेटी को कैंसर, इलाज के लिए छुट्टियां कम पड़ीं तो साथियों ने 100 दिन दान दिए

0
158





वॉशिंगटन. अमेरिका में इंसानी रिश्ते को मजबूत करने वाला पहलू सामने आया है। एक स्कूल टीचर डेविड ग्रीन अपनी 16 महीने की बच्ची के ब्लड कैंसर का इलाज करा रहे हैं। इस दौरान ग्रीन की सिक लीव खत्म हो गई। इलाज में अड़चनन आएलिहाजा ग्रीन के सहकर्मियों ने मिलकर 100 दिन की लीव उन्हें दान कर दी।

ग्रीन अलबामा में रहते हैं। उनकी बेटी किंस्ली का घर से 140 किमी दूर इलाज चल रहा है। लिहाजा उन्हें अपनी बेटी के पास ही रहना है। ग्रीन के पत्नी मेगन ने बताया, “पता चला कि डेविड के साथियों ने उन्हें छुट्टियां दान कर दीं तो इससे बड़ी बात हमारे लिए नहीं हो सकती। हमें और दिन नहीं मिलते तो हम केवल एक हफ्ते ही रुक सकते थे। मैं उन सभी लोगों को शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।”

6 महीने से चल रहा कैंसर का इलाज
किंस्ली का 6 महीने से एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) का इलाज चल रहा है। किंस्ली को अभी भी 3-4 महीने अस्पताल में भर्ती रहना होगा, लेकिन उसका इलाज दो साल चलेगा।

ग्रीन को महीने में एक सिक लीव मिलती है, लेकिन उन्हें इससे कहीं ज्यादा की जरूरत थी। लिहाजा मेगन ने फेसबुक पर उनके साथियों से अपील की- क्या कोई एक सिक लीव दे सकता है। स्कूल की असिस्टेंट प्रिंसिपल विल्मा डेयाम्पर्ट ने दो लीव दे दीं। विल्मा का भी फरवरी में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज चल रहा था।

विल्मा के मुताबिक- मैं इतने छोटे बच्चे के गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की कल्पना भी नहीं कर सकती। ऐसे में पेरेंट्स का उसके पास होना जरूरी है। मेरी मां कहती थीं कि किसी को आशीर्वाद देने के लिए अमीर होना जरूरी नहीं है।

अमेरिका में ज्यादातर शिक्षकों को महीने में एक दिन सिक लीव मिलती है। पेड लीव की कमी उन शिक्षकों के लिए नुकसानदेह साबित होती है जो व्यक्तिगत बीमारी या बच्चे के जन्म के लिए समय नहीं निकाल सकते।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


teacher ran out of sick days to stay with cancer-stricken daughter colleagues donated 100 days


teacher ran out of sick days to stay with cancer-stricken daughter colleagues donated 100 days


teacher ran out of sick days to stay with cancer-stricken daughter colleagues donated 100 days



और पढ़ें

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here