चीन के स्टीव जॉब्स कहे जाते हैं 6631 करोड़ के दानदाता जुन, नेटवर्थ 7 साल में 433% बढ़ी

0
161





नई दिल्ली. चीनी स्मार्टफोन कंपनी श्याओमी के फाउंडर और सीईओ ले जुन ने बोनस में मिले 6,631 करोड़ रुपए के 63.66 करोड़ शेयर दान में देने का फैसला किया है। कंपनी ने उनके योगदान को देखते हुए बोनस दिया है। ले जुन को चीन का स्टीव जॉब्स भी कहा जाता है।

जेफ बेजोस ने नेटवर्थ का 1.3% दान किया, ले जुन 8.9% दान कर रहे
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की नेटवर्थ इस समय 10.57 लाख करोड़ रुपए है। उन्होंने अब तक 14 हजार करोड़ रुपए दान किए हैं। यह उनकी नेटवर्थ का 1.3% है। बेजोस की तुलना में ले जुन ने अपनी नेटवर्थ का ज्यादा हिस्सा दान में देने का फैसला किया है। जुन की कुल नेटवर्थ 75,600 करोड़ है। जुन 6,631 करोड़ दान कर रहे हैं। यह उनकी नेटवर्थ का 8.9% है।

अजीम प्रेमजी ने अब तक 1.47 लाख करोड़ रुपए के शेयर दान किए, ले जुन की नेटवर्थ से भी ज्यादा
ले जुन की नेटवर्थ 75,600 करोड़ रुपए है, जबकि विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी अब तक उनसे करीब दोगुना दान कर चुके हैं। प्रेमजी 21 अरब डॉलर (1.47 लाख करोड़ रुपए) दान में दे चुके हैं। उन्होंने पिछले महीने ही 52,750 करोड़ रुपए की वैल्यू के 34% शेयर दान किए थे।

बिल गेट्स और वॉरेन बफे दुनिया के सबसे बड़े दानदाता
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और बर्कशायर हैथवे के प्रमुख वॉरन बफे दुनिया के सबसे बड़े दानदाता हैं। फोर्ब्स के आंकड़ों के अनुसार, बिल गेट्स अब तक 2.5 लाख करोड़ रुपए दान दे चुके हैं। यह उनकी कुल नेटवर्थ 6.97 लाख करोड़ रुपए का 36% है। वहीं, वॉरन बफे अब तक 2.45 लाख करोड़ रुपए दान दे चुके हैं। यह उनकी नेटवर्थ 5.90 लाख करोड़ रुपए का 41.63% है।

स्टीव जॉब्स को फॉलो करते हैं जुन
श्याओमी के एक इवेंट के दौरान के दौरान ले जुन ने कहा था, “मुझे कई मौकों पर चीन का स्टीव जॉब्स कहा जाता है, यह सुनकर मैं बहुत सम्मानित महसूस करता हूं।” 16 दिसंबर 1969 को चीन के हुबेई प्रांत के शिंताओ शहर में जन्मे जुन स्टीव जॉब्स से काफी प्रभावित हैं। जुन जब वुहान यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे थे, तब उन्होंने पॉल फ्रीबर्गर और माइकल स्वैन की किताब ‘फायर इन द वैली’ पढ़ी। कम्प्यूटर इंडस्ट्री पर लिखी गई इस किताब में स्टीव जॉब्स का भी जिक्र था। 2013 में न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में जुन ने कहा था, “इस किताब को पढ़ने के बाद मैं काफी प्रभावित हुआ। इसके बाद ही मैंने खुद की कंपनी शुरू करने की ठानी।”

बतौर इंजीनियर करियर शुरू किया
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद जुन 1992 में ने किंगसॉफ्ट कंपनी में बतौर इंजीनियर काम शुरू किया और इसके सीईओ भी बने। इसके बाद 2000 में उन्होंने एक ऑनलाइन बुक स्टोर जोयो डॉट कॉम की शुरुआत की लेकिन इसे बाद में उन्होंने अमेजन को बेच दिया। 2008 में जुन यूसीवेब के चेयरमैन बने और 6 अप्रैल 2010 में उन्होंने श्याओमी की शुरुआत की।

जुन की नेटवर्थ जॉब्स की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ी
अक्टूबर 2011 में कैंसर की वजह से स्टीव जॉब्स का निधन हो गया और फोर्ब्स के मुताबिक, सितंबर 2011 तक उनकी नेटवर्थ 7 अरब डॉलर थी। जबकि, ले जुन की मौजूदा नेटवर्थ ही 10.8 अरब डॉलर है। मार्च 2013 से लेकर मार्च 2019 तक 7 साल में ले जुन की नेटवर्थ 433% बढ़ी। इस दौरान मार्च 2015 में उनकी नेटवर्थ सबसे ज्यादा 13.2 अरब डॉलर थी। वहीं, स्टीव जॉब्स की नेटवर्थ मार्च 2005 से लेकर सितंबर 2011 तक 7 साल में 133% बढ़ी।

साल ले जुन साल स्टीव जॉब्स
मार्च 2013 1.8 अरब डॉलर मार्च 2005 3 अरब डॉलर

मार्च 2014

4 अरब डॉलर मार्च 2006 4.4 अरब डॉलर
मार्च 2015 13.2 अरब डॉलर मार्च 2007 5.7 अरब डॉलर
मार्च 2016 9.8 अरब डॉलर मार्च 2008 5.4 अरब डॉलर
मार्च 2017 6.8 अरब डॉलर मार्च 2009 3.4 अरब डॉलर
मार्च 2018 12.5 अरब डॉलर मार्च 2010 5.5 अरब डॉलर
मार्च 2019 9.6 अरब डॉलर मार्च 2011 8.3 अरब डॉलर

2018 में स्मार्टफोन मार्केट 4.9% गिरा, इसके बाद भी श्याओमी की बिक्री 32.2% बढ़ी, एपल की 3.2% गिरी
रिसर्च फर्म इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन (आईडीसी) के मुताबिक, 2018 में दुनियाभर में स्मार्टफोन की बिक्री 4.1% गिरी है। इसी दौरान श्याओमी की बिक्री 32.2% बढ़ी, जबकि आईफोन की बिक्री 3.2% तक घटी। आईडीसी के अनुसार, 2018 में एपल ने 20.88 करोड़ आईफोन बेचे, जबकि 2017 में 21.58 करोड़ आईफोन बेचे थे। वहीं, श्याओमी ने पिछले साल 12.26 करोड़ स्मार्टफोन बेचे। 2017 में कंपनी ने 9.27 करोड़ स्मार्टफोन बेचे थे। सैमसंग ने भी 2017 में जहां 31.77 करोड़ फोन की बिक्री थी, जबकि 2018 में इनकी संख्या 8 फीसदी गिरकर 29.23 करोड़ पहुंच गई।

5 साल में श्याओमी का मार्केट शेयर 5.5% बढ़ा, एपल का सिर्फ 0.8%
स्टैटिस्टा के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 साल 2013 से लेकर 2018 तक श्याओमी का मार्केट शेयर जहां 5.5% बढ़ा वहीं, एपल के मार्केट शेयर में सिर्फ 0.8% की बढ़ोतरी हुई। 2012 की चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में एपल का मार्केट शेयर 20.9% था जो 2013 में कम होकर 17.4% पहुंच गया। 2013 की आखिरी तिमाही में श्याओमी का मार्केट शेयर 2.1% था। 2018 की चौथी तिमाही तक श्याओमी का मार्केट शेयर बढ़कर 7.6% हो गया जबकि इसी तिमाही में एपल का मार्केट शेयर 18.2% रहा।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


Xiaomi founder Lei Jun net worth and charity in comparison with top billionaires



Source link

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here