गेंदबाजी-बल्लेबाजी का रियल टाइम डेटा देगी चिप वाली गेंद, स्पीड और बाउंस का चलेगा पता

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सिडनी. क्रिकेट में लाल गेंद, सफेद गेंद, गुलाबी गेंद के बाद अब चिप वाली गेंद आ रही है। इंटरनेशनल मैचों के लिए गेंद बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबुरा ने गेंद के अंदर चिप फिट करने की टेक्नोलॉजी ईजाद की है। एक बार ये चिप लगाकर गेंद की सिलाई कर दी गई, तो गेंद पूरी तरह फटने तक चिप ना तो बाहर निकलेगी, ना ही डैमेज होगी। फायदा ये होगा कि चिप वाली गेंद से गेंदबाजी और बल्लेबाजी का रियल टाइम डेटा मिल सकेगा।

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जब गेंदबाज गेंद रिलीज करने की पोजीशन में आएगा, तब से ही चिप डेटा दिखाना शुरू कर देगी। गेंदबाज के आर्म रोटेशन का एंगल, रोटेशन की रफ्तार, गेंद रिलीज करने की रफ्तार और रिलीज पॉइंट की जमीन से ऊंचाई, गेंद के पिच पर टप्पा खाने की रफ्तार और गेंद के बल्लेबाज तक पहुंचने के वक्त उसकी रफ्तार चिप में दर्ज होगी और रियल टाइम में स्क्रीन पर दिख सकेगी। स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी स्पोर्ट्सकोर ने कूकाबुरा की मदद से ये चिप वाली गेंद तैयार की है। स्पोर्ट्सकोर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल कास्प्रोविच की कंपनी है। चिप वाली गेंद डेटा को तीन हिस्सों में बांटकर दिखाएगी- रिलीज पॉइंट डेटा, प्री बाउंस डेटा, पोस्ट बाउंस डेटा।

बिग बैश टी20 लीग में इस तरह की गेंद का प्रयोग किया जाएगा। अगर इस लीग के लेवल पर चिप वाली गेंद का प्रयोग सफल रहा तो इसे इंटरनेशनल लेवल पर इस्तेमाल करने के बारे में भी सोचा जा सकता है। हालांकि इसके लिए पहले आईसीसी की अनुमति भी लेनी होगी। ऐसा नहीं है कि चिप वाली गेंद जो डेटा दे सकती है, वो पहले उपलब्ध ही नहीं होता था। ये डेटा मिलता तो था, लेकिन गेंद फेंके जाने के बाद, रियल टाइम में नहीं। साथ ही ये पूरी तरह एक्यूरेट भी नहीं होता था। चिप वाली गेंद रियल टाइम में डेटा देगी और बिल्कुल एक्यूरेट।

चिप वाली स्मार्ट बॉल बनाने वाली कंपनी के फाउंडर मेंबर में से एक बेन टैटर्सफील्ड बताते हैं- ‘क्रिकेट में इससे पहले कभी इस तरह का प्रयोग नहीं किया गया है। जब दर्शकों को मैच देखने के साथ-साथ स्क्रीन पर रियल टाइम डेटा देखने को मिलेगा, तो क्रिकेट का रोमांच काफी बढ़ जाएगा। गेंद के अंदर चिप होने से इसके व्यवहार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।’

  1. स्मार्ट बॉल यानी चिप वाली गेंद बनाने के लिए गेंद की सिलाई से पहले ही इसके अंदर मूवमेंट सेंसर लगा दिया जाता है। ऊपर से सिलाई हो जाती है। सेंसर को एक रबर फ्रेम के अंदर रखा जाता है, ताकि इसका गेंद के वजन, स्विंग, बाउंस वगैरह पर असर ना पड़े।

  2. स्मार्ट बॉल गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटने और बल्ले पर लगने के बीच तीन स्टेज पर गेंद का रियल टाइम डेटा दिखाएगी। रिलीज के वक्त गेंद की स्पीड, प्री-बाउंस स्पीड और पोस्ट बाउंस स्पीड। इससे गेंद के साथ-साथ पिच की स्थिति जानने में भी मदद मिलेगी।

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