क्यों महंगा हो रहा है सोना; क्यों घट रहा है सेंसेक्स, जानिए यह 11 कारण

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मुंबई (धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया).सोने के भावों में लगातार तेजी का दौर जारी है, वहीं शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की जा रही है। बीते 75 दिनों में वायदा और स्पॉट में सोने के भावों में करीब 16 से 17 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। वहीं शेयर बाजारों में सात फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया ने सोने की तेजी के संबंध में कहा कि सोने के भाव जल्द ही 40 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर जाएंगे। दीपावली तक इसके भाव 42 हजार रुपए तक पहुंच सकते हैं। जेम्स एंड ज्वैलरी फेडरेशन (जीजेएफ) के पूर्व अध्यक्ष नितिन खंडेलवाल भी केडिया की बात से इत्तेफाक रखते हुए कहते हैं कि यह पहली बार है जबकि एमसीएक्स से नीचे स्पॉट में सोना चल रहा है। आगे त्यौहारी और शादियों का सीजन आना है इसलिए अभी सोने की कीमतें कम होने की कोई संभावना नहीं है। दीपावली तक सोना का भाव 40 से 42 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

वहीं केआर चौकसी सिक्योरिटीज के प्रमुख देवेन चौकसी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के द्वारा फंड बाजार से निकालना, देश की अर्थव्यवस्था में धीमी प्रगति के अनुमान, ऑटो, रियल एस्टेट क्षेत्र में ग्रोथ नहीं आना शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण हैं। आम निवेशकों को एसआईपी के द्वारा अपने पैसे को निवेश करना बेहतर साबित हो सकता है। पाकिस्तान से हाल में उत्पन्न हुई स्थिति से भी शेयर बाजार आशंकित है।

केडिया बताते हैं कि अभी शेयर बाजार में गिरावट का दौर निकट भविष्य में थमने की उम्मीद नहीं है। हलांकि वैश्विक शेयर बाजार के मुकाबले भारतीय शेयर बाजार स्ट्रॉन्ग बने रहेंगे। भारत में करीब आठ हजार करोड़ रुपए एसआईपी (सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट फंड) के द्वारा बाजार में हर महीने आ रहा है। म्यूचुअल फंड की स्थिति निवेश के मामले में बेहतर है। इक्विटी बाजार में आने वाले समय में बैंक एंड फाइनेंस, आईटी और फार्मा जैसे सेक्टर में निवेश करना बेहतर रह सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के इंस्टीट्यूश्नल इक्यूटी हेड गौतम दुग्गड ने कहा कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकडों के अनुसार निफ्टी में रिजिस्टर्ड कंपनी के लाभ अनुमान से कम रहे हैं। वहीं अर्थव्यवस्था में खपत घटी है। अभी गिरावट का दौर कितना लंबा होगा कहा नहीं जा सकता है लेकिन माहौल निराशा जनक है। विश्व के सबसे बड़े गोल्ड रिफाइनरी के मालिक राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने कहा कि सोना चूंकि सुरक्षित निवेश माना जाता है इसलिए भी खरीदारी लोगों के द्वारा की जा रही है।

शेयर बाजार में गिरावट के चार प्रमुख कारण

  • 1. सुपर रिच पर टैक्स बढ़ने और एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलिया निवेशक) के नियमों के कारण भी शेयर बाजार पर असर पड़ा है। हलांकि सरकार ने इसकी समीक्षा की बात कही है लेकिन अभी नेगेटिव इंपैक्ट पड़ रहा है। वहीं पिछले वर्ष लाॅन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने के कारण भी इक्विटी बाजार की तेजी पर विराम की शुरुआत हुई।
  • 2. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़े आए हैं निफ्टी में रजिस्टर्ड कंपनी के लाभ का अनुमान 12 फीसदी था लेकिन लाभ बमुश्किल पांच फीसदी ही हुआ।
  • 3. असामान्य मानसून से परेशानी हुई। जुलाई के पहले हफ्ते तक बारिश न होने और फिर महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गुजरात आदि राज्यों में बाढ़ के कारण फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका हो गई है।
  • 4. ऑटो सेक्टर में बिक्री में तेज गिरावट, रियल एस्टेट सेक्टर में अपेक्षाकृत ग्रोथ न आने और उपभोक्ता मांग का घटना। जीडीपी की वृद्धि दर सात फीसदी से नीचे रहने के अनुमान के कारण भी शेयर बाजार में नकारात्मक असर रहा है।

सोने में बढ़त के ये सात प्रमुख कारण

  • 1. बजट में 2.5 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने की घोषणा से घरेलू बाजार में सोने के दाम बढ़े।
  • 2.इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड और वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था में ठहराव बताया गया। इससे भी सोने में निवेश बढ़ा।
  • 3. भारत के आरबीआई, चीन, रूस, तुर्की सहित दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीदारी कर गोल्ड रिजर्व बढ़ाया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों के द्वारा 2019-20 में अब तक करीब 374 मीट्रिक टन सोना खरीदे जाने का अनुमान है। आरबीआई ने मार्च 2018 से अब तक 60 टन सोना खरीदा है।
  • 4. अमेरिका ने बीते 11 सालों में पहली बार ब्याज दरों में कटौती की है। यह ट्रेंड रहा है कि जब भी अमेरिका ब्याज दरों में कटौती करता है तो सोने के रेट बढ़ते हैं।
  • 5. अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर के कारण भी समस्या है। विश्व के व्यापार में भी ठहराव की स्थिति निर्मित हो रही है। इसके कारण खास तौर पर एशियाई देशों की करेंसी कमजोर हुई हैं। 11 साल में पहली बार एक डॉलर के मुकाबले युआन सात के स्तर से भी नीचे पहुंच गया है।
  • 6. डॉलर के मुकाबले रुपया की कीमत में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्तमान में रु. 71 के स्तर से नीचे पहुंच चुका है। भारत में मांग का 80% से अधिक सोना आयात होता है, ऐसे में सोने का भाव बढ़ गया है।
  • 7.अमेरिका-ईरान के बीच में टेंशन लगातार बना हुआ है। जिसके कारण लोगों की सोने में रुचि बढ़ी।

शेयर बाजार में गिरावट के चार प्रमुख कारण

श्रेणी तीन जून 16 अगस्त अंतर %
सोना वायदा 32,478 37,938 16.81
सोना 99.5 33,200 38,610 16.29
सेंसेक्स 40,267.62 37,350.33 -07.24
निफ्टी 12,088.55 11,047.80 -08.60

नोट: सोना का भाव प्रति 10 ग्राम रुपए में। सोना वायदा का भाव एमसीएक्स का है। सोना99.5 का भाव मुंबई का है। 1 डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत। सभी आंकड़े केडिया कमोडिटी के अनुसार।

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