कैंपस सिलेक्शन नहीं अब ऑनलाइन मिलती है जॉब; अच्छे प्रदर्शन से ज्यादा सैलरी, बेहतर पद का मौका

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नई दिल्ली. आईटी सेक्टर पर मंदी का कोई असर नहीं पड़ा है। निर्यात पर आधारित इस सेक्टर में 30 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। सिस्को की एक रिपोर्ट के मुताबिक साइबर सिक्‍यॉरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स और बिग डेटा जैसे स्‍पेशल फील्‍ड्स में 2027 तक 14 लाख नौकरियों के अवसर हैं। जॉब व कॅरियर ग्रोथ को लेकर दैनिक भास्कर ने इन्फोसिस कार्यकारी वीपी व एचआर प्रमुख रिचर्ड लोबो से बातचीत की।

मौजूदा समय में युवाओं के लिए आईटी सेक्टर में किस प्रकार के रोजगार उपलब्ध हैं?
आईटी सेक्टर करियर के लिहाज से बहुत अच्छा विकल्प है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट (एआई), बिग डाटा, यूसेज आॅफ डाटा, आईओटी, रोबोटिक्स समेत कई नई क्षेत्र भी खुल गए हैं। आईटी में एंट्री लेवल पर ज्यादा जॉब होती है।

क्या आप बता सकते हैं कि आईटी में सबसे ज्यादा जॉब किस सेगमेंट में हैं?
टेक्नोलॉजी के सभी सेगमेंट में नौकरियां हैं। किसी एक क्षेत्र या डोमेन पर फोकस नहीं करना चाहिए। वजह है हर पांच-दस साल में जाब का प्रकार बदल जाता है। फिर भी, जाब के लिए दो बड़े क्षेत्र ट्रेडिशनल एप्लीकेशन और मेंटेनेंस व डेटा व डेटा यूसेज का है। लेकिन मैं फिर कहंगा ओपन रहिए। किसी टेक्नोलॉजी में अपने आपको जकड़िए मत।

यानी नौकरियां लगातार बदल रही है?
स्थायित्व की कमी कहना गलत होगा। बस नौकरियां या यूं कहें कि काम करने का तरीका बदल रहा है। इसलिए सीखने की अदम्य इच्छा होना चाहिए। नया सीखने हर पल तत्पर रहिए।

क्या फ्रेशर को इन्फोसिस ट्रेनिंग देती है?
हां। ट्रेनिंग या सीखने का काम तो सदा चलता रहता है। लेकिन स्पेसिफिक तौर पर फ्रेशर को सबसे पहले तीन महीने की ट्रेनिंग देते हैं। तकनीक की वजह से अब हम उन्हें अपने स्मार्ट फोन पर ही टेनिंग देते हैं। उन्हें ऑनलाइन स्टडी मटेरियल उपलब्ध करा दिया जाता है। वे बस में, ट्रेन में या घर पर कहीं भी ट्रेनिंग ले सकते हैं। उम्मीदवार जितना ज्यादा ट्रेनिंग को बेहतर करेंगे उतना ही ज्यादा वे सैलरी और पोस्ट हासिल कर सकेंगे।

किस तरह की ट्रेनिंग देते हैं?
कई तरह के बिजनेस सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग दी जाती है। डेटा को प्रोसेस करने व एआई का उपयोग करना सिखाया जाता है। फिर, डेटा को सिक्योर्ड व सेफ करने के तरीका बताया जाता है। विशेषज्ञता के लिए दूसरी इंडस्ट्री के बारे में जानकारी दी जाती है।

क्या हाल में भर्ती प्रकिया में बदलाव आया है?
पहले हम कॉलेजों में जाते थे। पर अब ऑनलाइन एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं। ईनफीटीक्यू एप के मदद से पूरे देशभर से सिलेक्शन करते हैं। इसमें हम पहले से ही टेक्नीकल मेटेरियल भेज देते हैं। फिर टेस्ट सेंटर के लिए अच्छे उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट भी देते हैं। इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल उम्मीदवार दूसरी कंपनियों में भी भर्ती के लिए कर सकता है।

नौकरी के लिए कैसे संपर्क किया जा सकता है?
हमारी बेवसाइट या इन्फीटीक्यूएप के माध्यम से। कई बार हम कॉलेजों में भी सूचना देते हैं। हम कभी भी एजेंट या थर्डपार्टी से भर्ती नहीं करते हैं।

एआई से जॉब क्रिएशन पर क्या असर पड़ा है?
यकीन मानिए, एआई से और ज्यादा नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। हां यह जरूर है कि ओल्ड फैशन वाले जॉब्स जाएंगी और उसकी तुलना में नए प्रकार के नौकरियां के मौके बनेंगे।

क्या इन्फोसिस में सबसे निचले स्तर से सीनियर लेवल के पद तक पहुंचने की संभावनाएं हैं?
हां, ऐसा होता है। हमारे सीओओ ने 30 साल पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर से करियर की शुरू किया था।

आंत्रप्रेन्यारशिप को कैसे प्रमोट करते हैं?
इन्फोसिसक्या है? यह ग्रुप ऑफ आंत्रप्रेन्यारिशप ही तो है। इन्फोसिस कर्मचारियों को प्रोत्साहित करती है।

इन्फोसिस में किस स्किल की जरूरत है?
बहुत ज्यादा मार्क्स की जरूरत नहीं है लेकिन हम एकडमिक रिकॉर्ड जरूर देखते हैं। ट्रेनिंग व लर्निंग एटीट्यूड और लोगों के साथ काम करने की क्षमता का टेस्ट लेते हैं।

आईटी सेक्टर की जॉब्स में 46% की ग्रोथ देखने को मिलेगी

  • साइबर सिक्योरिटी, आईओटी और बिग डेटा में 2027 तक 14 लाख जॉब्स।
  • सिस्को के मुताबिक आईटी सेक्टर की जॉब्स में 46% की ग्रोथ आएगी।
  • वैश्विक आईटी कारोबार में 2017-18 में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी 55% यानी 185-190 बिलियन डॉलर थी।
  • भारत का आईटी व आईटीईएस उद्योग 2018-19 में बढ़कर 181 बिलियन डॉलर।
  • नॉसकाम की रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी 1.4 लाख जॉब्स खाली हैं।
  • भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग बाजार 2022 तक 49,000 करोड़ का हो सकता है। यह अभी 2.5 अरब डालर (17,250 करोड़ रु.) है। जॉब स्पीक इंडेक्स के मुताबिक आईटी इंडस्ट्री में नियुक्तियों में 38% का इजाफा हुआ।

इन सेगमेंट में रोजगार के अवसर हैं-

  • इंफॉर्मेशन सिस्टम एनालिस्ट
  • सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट
  • सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मैनेजर
  • सोल्यूशन आर्किटेक्ट सोशल मीडिया एडमिनेस्ट्रेटर
  • मशीन लर्निंग डिजायनर
  • इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स डिजायनर
  • एनालिटिक्स मैनजर
  • आईटी मैनेजर
  • प्रॉडक्ट मैनेजर
  • डेटा साइंटिस्ट
  • सिक्योरिटी इंजीनियर
  • क्वालिटी मैनेजर
  • कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर
  • वेब एप डेवलपर
  • वेब सर्विसेज डिजाइनर

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रिचर्ड लोबो।



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