कल्याण सिंह बोले- बाबरी मस्जिद गिराना साजिश नहीं, यह करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं दबाने का नतीजा

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने मंगलवार को लखनऊ में कहा कि बाबरी मस्जिद को गिराए जाने की घटना किसी षडयंत्र का हिस्सा नहीं, बल्कि सदियों से करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को दबाए जाने का परिणाम था। दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के समय कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने सीबीआई को कल्याण सिंह के मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। इस पर सीबीआई ने एक आवेदन दायर किया था, जिस पर आज सुनवाई होगी।

कल्याण ने न्यूज एजेंसी से कहा, “अभी तक मैं राजस्थान का राज्यपाल था और मुझे समन नहीं किया जा सकता था। लेकिन अब मुझसे पूछताछ की जाएगी। इसके लिए मैं कोर्ट में पेश होऊंगा। मैं वहां पर सभी सवालों का जवाब दूंगा।”

कोर्ट का सम्मान करता हूं: कल्याण

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं। यदि सीबीआई मुझसे पूछताछ करना चाहती है तो मैं इसे स्वीकार करता हूं। वे इसके लिए जब भी तारीख तय करते हैं तो मैं उस दौरान हाजिर रहूंगा।यह मुद्दा अदालत में है और 12-13 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। मैं कोर्ट को बताऊंगा कि इसमें कोई षडयंत्र नहीं हुआ।”

‘अयोध्या करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्रबिंदु’

कल्याण ने कहा,“अयोध्या करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्रबिंदु है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होता है तो इससे करोड़ों भारतीयों कीइच्छा पूरी होगी। मैं राम मंदिर निर्माण का समर्थन करता हूं। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। हम लोग कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। फैसले आने के बाद केंद्र सरकार को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। मेरा पक्ष इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट है।”

अन्यदलका अपना पक्ष स्पष्ट करें: कल्याण

उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए कि वे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं या नहीं। उन्होंने सुझाव दिया कि मुस्लिम पक्ष को इस मामले में अपने दावे को वापस लेने के पक्ष में सोचना चाहिए। इससे देश की एकता और अखंडता सुनिश्चित होगी।

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह।



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