एच-1बी वीजा का आवेदन शुल्क बढ़ सकता है, ट्रंप प्रशासन का प्रस्ताव

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वॉशिंगटन. ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के आवेदन शुल्क को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मंत्री एलेक्जेंडर एकोस्टा ने अमेरिकी सांसदों को बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमको और अधिकबढ़ावा देने के लिएफीस बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस कार्यक्रमके जरिए अमेरिकी युवाओं को प्रौद्योगिकी संबंधित गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।

  1. मंत्री एलेक्जेंडर एकोस्टा ने यह साफ नहीं किया कि एच-1बी के लिए आवेदन शुल्क में कितनी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है और यहकिनश्रेणियों मेंकिया जाएगा?पूर्व के अनुभवों को आधार पर देखा जाए तो एच-1बी आवेदन शुल्क बढ़ने से भारत की आईटी कंपनियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

  2. जुलाई 2017 में अमेरिकी अधिकारियों की एक रिपोर्ट के मुताबिक- एच-1बी वीजा के लिए सबसे ज्यादा भारतीय आवेदन करते हैं। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अनुसार, 2007 से 2017 तक 22 लाख भारतीयों ने एच1बी वीजा के लिए आवेदन किया था। इसके बाद चीन का नंबर आता है। वहां से तीन लाख आवेदन किए गए।

  3. ब्रेइटबार्ट न्यूज (अमेरिकी न्यूज ) के मुताबिक हर साल 100000 से अधिक विदेशी श्रमिकों को एच-1बी वीजा पर अमेरिका लाया जाता है और उन्हें यहां 6 साल तक रहने की अनुमति दी जाती है।

    • कांग्रेसमैन पॉल गोसर ने कहा, “हम अपने नागरिकों को सबसे पहले रखें और अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा करें। कड़ी मेहनत और अधिक कुशल अमेरिकी पुरुष और महिलाएं एच1 बी वीजा को लेकर धोखाधड़ी और दुर्व्यवहार के बारे में अपनी कहानियां बताते हैं।”

    • एकोस्टा ने सांसदों को बताया,”श्रम विभाग ने कार्यक्रम के दुरुपयोग से बचने और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा के लिए एच-1बी आवेदन फॉर्म में भी बदलाव किए हैं। विभाग ने साल 2018 में 649 गैर आप्रवासी वीजा कार्यक्रम को खत्म कर दिया और उनमें से 553 मामलों में नियम का उल्लंघन पाया।

    • एच-1बी वीजा दूसरे देश के नागरिकों को अमेरिका में शुरुआत में 3 साल तक काम करने की मंजूरी देता है, बाद में इस समय सीमा को बढ़ाकर 6 साल भी किया जा सकता है। यह वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कार्यों के लिए विदेशी कर्मचारियों को नौकरी पर रखने की मंजूरी देता है। हालांकि इन विशेष कार्यों में कई तरह बिजनेस शामिल हैं लेकिन भारत में एच-1बी वीजा का ज्यादातर जिक्र आईटी सेक्टर से जुड़ी नौकरियों के संबंध में किया जाता है।

    • अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर विरोध होता रहा है। उनकी शिकायत है कि कंपनियां एच-1बी वीजा का इस्तेमाल कर अमेरिकियों की जगह कम सैलरी पर विदेशी कर्मचारियों को रख लेती हैं। 2015 में अमेरिका की मशहूर कंपनी डिज्री ने कानूनी लड़ाई लड़ी थी। कंपनी के कर्मचारियों का आरोप था कि कम सैलरी की वजह से उनकी जगह एच-1बी वीजा के कर्मचारिों को रखा गया।

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        The Trump administration is proposing a hike in the H-1B visa



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