इनसॉल्वेंसी कानून से घबराए एविएशन कंपनी को कर्ज देने वाले संस्थान

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नई दिल्ली. जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों और कंपनियों पर इनसॉल्वेंसी कानून का खौफ छाया है। उनका मत है कि 10 मई को होने वाली बिडिंग प्रक्रिया अगर फेल हो जाए तो कर्ज की वसूली के लिए जो प्लान बी तैयार हो, वह इनसॉल्वेंसी एंड बैंगक्रप्सी कोड फ्रेमवर्क ( आईबीसी) से बाहर हो। हालांकि, उनका मानना है कि बिडिंग के फेल होने के चांस बहुत कम हैं। जेट एयरवेज पर 8500 करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। एसबीआई के नेतृत्व वाला बैंकों का कंसोर्शियम बिडिंग करा रहा है।

  1. अभी तक एतिहाद एयरवेज, टीपीजी कैपिटल, इंडिगो पार्टनर्स और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्टर फंड ने बिडिंग प्रक्रिया में रुचि दिखाई है। कर्जदाताओं का मत है कि बिडिंग फेल होने पर कंपनी की सिक्युरिटी और वास्तविक परिसम्पत्ति को नीलाम करके पैसे की वसूली की जाए। एजेंसी का कहना है कि बिडर्स के बारे में पूरी जानकारी 10 मई को ही मिल सकेगी।

  2. अभी तक एतिहाद एयरवेज, टीपीजी कैपिटल, इंडिगो पार्टनर्स और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्टर फंड ने बिडिंग प्रक्रिया में रुचि दिखाई है। कर्जदाताओं का मत है कि बिडिंग फेल होने पर कंपनी की सिक्युरिटी और वास्तविक परिसम्पत्ति को नीलाम करके पैसे की वसूली की जाए। एजेंसी का कहना है कि बिडर्स के बारे में पूरी जानकारी 10 मई को ही मिल सकेगी।

  3. सूत्रों का कहना है कि मौजूदा संकट के लिए कर्जदाताओं को दोष नहीं दिया जा सकता। नौ माह पहले कंपनी पर जब संकट के बादल मंडराने शुरू हुए, तब कर्जदाता मजबूती से प्रबंधन के साथ खड़े थे। लेकिन कंपनी प्रबंधन अगर मगर के भंवर में फंसकर कोई निर्णायक कदम नहीं उठा सका। अब कर्जदाता अपने पैसा निकालने के लिए हाथ-पैर तो मारेंगे ही।

  4. जेट एयरवेज पिछले 7 साल में बंद होने वाली छठी और दूसरी बड़ी एयरलाइन है। 2012 में माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस बंद हुई थी। उसके बाद एयर पेगसस, एयर कोस्टा, एयर कार्निवल और जूम एयर को ऑपरेशंस बंद करने पड़े थे।

  5. जेट के ऑपरेशन बंद होने के बाद करीब 20 हजार कर्मचारियों और मैनेजमेंट के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके रोजगार को बचाने की अपील की है।

  6. एयरलाइन के पायलट्स और इंजीनियर्स को अगस्त 2018 से टुकड़ों में वेतन मिल रहा था। पिछले तीन महीने की पूरी सैलरी बकाया है। ये सभी उम्मीद कर रहे थे कि एयरलाइन को बैंकों से 1500 करोड़ रुपए मिलेंगे तो कुछ राहत मिलेगी लेकिन कर्जदाताओं ने इनकार कर दिया।

  7. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल एयरलाइन ने कॉस्ट कटिंग के तहत कर्मचारियों से 25% सैलरी कम करने के लिए भी कहा लेकिन वो नहीं माने। अब हालत ये हो गई है कि कर्मचारी लोन की किश्त चुकाने के लिए गहने गिरवी रखने को मजबूर हो गए हैं।

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      जेट एयरवेज (फाइल फोटो)



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