इंदौर में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी को सुनायी गयी सजा-ए-मौत

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इंदौर (मध्यप्रदेश)। अपहरण और दुष्कर्म के बाद यहां चार वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में जिला अदालत ने 22 साल के युवक को सोमवार को मृत्युदंड सुनाया। सनसनीखेज वारदात की शिकार मासूम बच्ची मुजरिम को  मामा  कहती थी। जिला अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने संवाददाताओं को बताया कि विशेष न्यायाधीश सविता सिंह ने साल भर पुराने मामले में हनी अठवाल उर्फ कक्कू (22) को भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 376-ए (बलात्कार के दौरान गंभीर चोट से पीड़ित की मृत्यु) के तहत दोषी करार देते हुए मृत्युदंड सुनाया। 

शेख ने बताया कि अठवाल को आईपीसी की धारा 363 (अपहरण), 302 (हत्या) औरइसके अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के अलावा लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत भी मुजरिम करार दिया गया। अभियोजन पक्ष ने युवक पर जुर्म साबित करने के लिये अदालत के सामने 36 गवाहों के बयान दर्ज कराये थे।अभियोजन के मुताबिक अठवाल ने यहां द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में चार वर्षीय बच्ची को उसकी ट्यूशन की छुट्टी के बाद 25 अक्टूबर 2018 की शाम अगवा किया था। उसने उसी रात बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। बच्ची का शव एमजी रोड पुलिस थाने के सामने एक नाले के किनारे 27 अक्टूबर 2018 को मिला था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अठवाल, मृत बच्ची के परिवार का परिचित है। बच्ची उसे  मामा  कहती थी। इसके चलते वह उसके साथ चलने को आसानी से राजी हो गयी थी। 
वारदात के बाद फरार अठवाल को इंदौर से करीब 175 किलोमीटर दूर जावरा के धार्मिक स्थल हुसैन टेकरी से गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि अठवाल ने प्रदेश के मंदसौर जिले में वर्ष 2013 में सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी थी। चूंकि इस वारदात के वक्त वह नाबालिग था। इसलिये वह सख्त सजा से बच गया था और उसे तीन वर्ष के लिये बाल सुधार गृह में रखा गया था। अधिकारी ने बताया,  हमें अठवाल से पूछताछ के बाद पहली नजर में लगा था कि वह छोटी बच्चियों को लेकर यौन मनोविकृति का शिकार है। 
 



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