आयोग ने सभी राज्यों से कहा- जॉनसन एंड जॉनसन के शैम्पू की बिक्री पर तुरंत रोक लगाएं

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग (एनसीपीसीआर) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। आयोग ने पत्र में कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी शैम्पू की बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी जाए। इसके अलावा सभी दुकानों से इस उत्पाद के स्टॉक को हटा दिया जाए। राजस्थान में इस उत्पाद के सैंपल के परीक्षण की रिपोर्ट के बाद आयोग ने यह निर्देश जारी किए।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि कंपनी के बेबी शैम्पू और टेल्कम पाउडर में एसबेस्टस तत्व है। जिससे कैंसर फैल सकता है। इसके बाद आयोग ने 15 अप्रैल को स्वत: संज्ञान लेते हुए आंध्र, राजस्थान, झारखंड, मध्यप्रदेश, असम के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए थे कि इनके सैंपल इकट्ठा कर परीक्षण के लिए भेजे जाएं। आयोग ने परीक्षण की रिपोर्ट भी मांगी थी। आयोग ने मध्य प्रदेश के अधिकािरयों से कहा था कि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजी जाए।

बच्चों के लिए नुकसानदेह उत्पाद नहीं बेचने देंगे- आयोग

आयोग के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने कहा कि हम किसी को भी ऐसे उत्पाद बेचने नहीं देंगे, जो हमारे बच्चों के लिए नुकसानदेह और खराब गुणवत्ता के हों। कोई भी कंपनी बच्चों के साथ ग्राहकों जैसा बर्ताव नहीं कर सकती है, यह देश का भविष्य हैं। बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना आयोग का पहला कर्तव्य है।

उत्पाद के खिलाफ केवल अमेरिका में ही 12 हजार केस दर्ज
जॉनसन के बेबी पाउडर के खिलाफ अमेरिका में करीब 12,000 मामले दर्ज हैं, जिनमें दावा किया गया है कि कंपनी के उत्पादों की वजह से कैंसर हो सकता है।22 महिलाओं ने जॉनसन के बेबी पाउडर से गर्भाशय का कैंसर होने का मुकदमा दर्ज किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी को पाउडर में एसबेस्टस होने की जानकारी थी। सेंट लुईस कोर्ट की ज्यूरी ने महिलाओं की दलीलें मानते हुए कंपनी पर 469 करोड़ डॉलर यानी करीब 33 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना ठोक दिया। यह व्यक्तिगत नुकसान के लिए अब तक का सबसे बड़ा या ज्यादा मुआवजा है।

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NCPCR directs to stop sale of Johnson&Johnson baby shampoo in all states



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