अनिता कुंडू ने -40 डिग्री तापमान में नेपाल की 26,781 फीट ऊंची चोटी माउंट मनासलू पर फहराया तिरंगा

0
17





हिसार.हरियाणा की बेटी पर्वतारोही अनिता कुंडू ने एक बार फिर इतिहास रचा है। उन्होंने नेपाल की 26,781 फीट ऊंची चोटी माउंट मनासलू को 27 सितंबर की सुबह 3:20 बजे फतह किया। नेपाल में माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान और हड्डियां गला देने वाले ठंड के बीच चढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन अनिता ने चुनौतियों को पार पाकर शिखर पर तिरंगा फहराकर देश का मान बढ़ाया है।

अनिता ने 3 सितंबर को चढ़ाई शुरू की थी। 17 सितंबर को बेस कैंप में पहुंची। तीन दिन बर्फीले तूफान ने रास्ता रोके रखा। ज्यादा तूफान आने के कारण दूसरे कैंप से वापस बेस कैंप में लौटना पड़ा। फिर 22 सितंबर से 17 हजार फीट पर स्थित कैंप से आगे बढ़ीं और 27 सितंबर की सुबह शिखर छू लिया। अनिता ने सेटेलाइट से अपने परिजनों को यह जानकारी दी।

हिसार के गांव फरीदपुर की अनिता ने बताया कि माइनस 40 डिग्री तापमान के कारण ठंड इतनी थी कि हड्डियों को गला दे, मगर उसने हौसला नहीं हारा। ऑक्सीजन की बेहद कमी थी। खाने को कुछ खास हमारे पास होता नहीं, जो कुछ साथ लेकर जाते हैं, उसी में काम चलाना होता है। कम ऑक्सीजन के कारण न हमें नींद आती है और न ही भूख लगती है। बर्फ पर चलना होता है। हर कदम खतरे से भरा होता था। चोटी फतेह करने निकले दल में विश्वभर के 196 पर्वतारोही शामिल थे। इनमें अनिता अकेली भारतीय पर्वतारोही रहीं।

अनिता का यह मिशन 50 दिन का था, लेकिन इसे 22 दिन में पूरा कर लिया। अनिता के सहयोगी रमेश कुमार ने बताया कि अब चोटी से वापस रवाना हो चुके हैं। नीचे आने में 5-7 दिन लग जाएंगे। अनिता के पर्वतारोहण का खर्च एसआईएस कंपनी उठा रही है, जिसके मालिक राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा हैं।

2018 में मिशन सेवन समिट की शुरुआत की
अनीता ने 2018 में अपने मिशन सेवन समिट की शुरुआत की थी। इसमें उनका लक्ष्य सातों महाद्वीपों की सातों ऊंची चोटियों को फतह करना था। इनमें से पांच को फतह लिया है। इनमें इंडोनेशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका व अंटार्कटिका शामिल हैं। इससे पहले अनिता ने चार बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की है, जिसमें तीन बार कामयाबी हासिल की है। अनिता नेपाल और चीन दोनों ही रास्तों से माउंट एवरेस्ट को फतेह करने वाली पहली पर्वतारोही हैं।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


अनिता कुंडू



और पढ़ें

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here